Nathu Dada Khiyana Dham Lunkaransar- राजस्थान की धरती पर अनेक संतो, मह्त्माओ और लोकदेवताओ ने अपने दिव्य कर्मो से इस भूमि को पवित्र बनाया है इन्ही में से एक है नाथू दादा खियाना धाम लूणकरणसर, जो भक्तो की अटूट आस्था और विश्वास का केंद्र है यह धाम राजस्थान के बीकानेर जिले के लूणकरणसर कस्बे की महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में स्थित है यहाँ पर आश्विन मास के अन्दर दूर दूर से श्रदालु यहाँ दर्शन करने आते है।
अन्य धार्मिक स्थल
नाथू दादा खियाना धाम का इतिहास और महत्व
नाथू दादा जी महाराज लोक आस्था के प्रतीक माने जाते है। उन्होंने अपना जीवन लोककल्याण और मानव सेवा समर्पित किया। कहा जाता है की नाथू दादा ने अपनी साधना से लोगो के दुःख दूर किये और असंख्य भक्तो को जीवन की राह दिखाई। नाथू दादा जी महाराज धतरवाल जाति के आराध्य देव माने जाते है।
नाथू दादा खियाना धाम लुनकरंसर उनकी स्मृति में बनाया गया है जंहा उनका समाधी स्थल स्थित है। भक्तो का मानना है की सच्चे मन से प्रार्थना करने पर नाथू दादा हर मनोकामना पूरी करते है।
लूणकरणसर का धार्मिक और आध्यामिक वातावारण
लूणकरणसर न केवल अपने नाथू दादा खियाना धाम मंदिर के लिए प्रसिद्ध हाउ बल्कि यह एक आध्यामिक स्थल के रूप में भी जाना जाता है यहाँ पर साल में एक बार दादा जी का मेला भरता है जो आश्विन मास में भरता है और विशाल जागरण और प्रसादी का आयोजन होता है।
भक्त जय नाथू दादा की के जयकारे लगाते हुए भक्ति गीतों और भजन संध्या में भाग लेते है इस दौरान यहाँ का वातावरण पुर्णतः आध्यात्मिक और भक्ति रस से भर जाता है।
Nathu Dada Khiyana Dham Lunkaransar के प्रमुख आकर्षण
- नाथू दादा जी की समाधि स्थल (मुख्य मंदिर)
- भक्त निवास और लंगर व्यवस्था
- भजन संध्या और कथा कार्यक्रम
- वार्षिक मेला और जयंती उत्सव
- पवित्र जल स्त्रोत और प्रागण दर्शन
यंहा आने वाले भक्त यह मानते है की नाथू दादा के दर्शन से जीवन में सुख-शांति और समृद्धिस्म्रिधि प्राप्त होती है।
नाथू दादा खियाना धाम कैसे पहुंचे
- रेल मार्ग से: लूणकरणसर रेलवे स्टेशन पर स्थित है जंहा से धाम तक जाने के लिए स्थानीय वाहन आसानी से मिल जाते है लूणकरणसर से नाथू दादा धाम की दुरी 40 किलोमीटर के आसपास है।
- सड़क मार्ग से: बीकानेर से लूणकरणसर की दुरी करीब 75 किलोमीटर है और सड़क मार्ग से बस, टैक्सी या निजी वाहन से आसानी से पहुंच सकते है।
- हवाई मार्ग से: निकटतम हवाई अड्डा बीकानेर नाल एयरपोर्ट है जंहा से सड़क मार्ग द्वारा मंदिर पहुंचा जा सकता है।
नाथू दादा खियाना धाम यात्रा का सर्वोतम समय
लूणकरणसर स्थित नाथू दादा मंदिर में भक्त आश्विन मास में ही दर्शन कर सकते है इसके अलावा साल में बाहरी लोगो के आवागमन के लिए ये मंदिर सुरक्षा की दृष्टि से खुला नही रहता है अत: आश्विन मास में दादा जी के दर्शन किये जा सकते है।
निष्कर्ष
नाथू दादा खियाना धाम लूणकरणसर केवल एक धार्मिक स्थल नही बल्कि भक्ति और विश्वास और सेवा का अद्भुत मिसाल है यहाँ आने वाले भक्त के मैन में एक नै उर्जा और सकारात्मकता का संचार होता है।
यदि अप राजस्थान की धार्मिक यात्रा की योजना बना रहे है तो नाथू दादा खियाना धाम को अवश्य शामिल करे और इस पवित्र स्थान की दिव्यता का अनुभव करे।









